अब कोई मुझे नीचा नहीं कहेगा
About this short drama
मुंबई की दलित स्टार्टअप संस्थापक को निर्दयी ब्राह्मण कारोबारी समूह कुचल देता है। जेल से छूटा माना जाने वाला उसका पिता चुपचाप उसकी ढाल बनता है, मगर उद्योगपति उसे देशद्रोह में फँसा देते हैं। तभी विशेष बल सच खोलते हैं—वह देश का सर्वोच्च रक्षा वैज्ञानिक है, जिसे कानून छू नहीं सकता। भ्रष्टों का सफाया होता है और परिवार सत्ता के शिखर पर पहुँचता है।